सपनों के झंझावातों में
दिल के राज गहरा जाते हैं।।
भविष्य खुशनुमा बनाने को
हम मन के कैदी बन जाते हैं।।
नियम कायदों पर चलने को
हर पल मजबूर हुए जाते हैं।।
रोशनी ले चले हम धूप की
अंधेरी रातों को जगाये जाते हैं।।
जहरीला धुआँ देता है दस्तक
प्राणों की चिता जलाए जाते हैं।।
जीवन सांसों से बंधी डोर है'पूनम'
टूटने तक जिये चले जाते हैं।।
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