मौन
एक चुप स्वीकृति
कुछ कहने का अंदाज
प्यार का मीठा इज़हार
सच ना कह पाने की जुबां
झूठ ना बोलने का अंदाज़,
मीठा लगता है
जब प्यार होता है,
कड़वा लगता है
जब क्रोध होता है,
कितना सरल है ये शब्द
उतना ही कठिन है इसका सफर,
चलो इस(मौन) रास्ते पर
तो कांटे मिलते हैं,
सोचो गर तो
मन भी मूक हो जाता है,,
इसको धारण करो तो
संयम आता है,
बलवान हो जाता है धीरज,
आत्मा को मिलता है-
एक शांत रैन बसेरा,
आंखों से निर्मल जल बहता है,
भावनाओं का समंदर बनता है,
जानना हो गर जीवन-सत्य
तो 'मौन' में ही छुपा संसार है।
(स्वरचित कविता)
एक चुप स्वीकृति
कुछ कहने का अंदाज
प्यार का मीठा इज़हार
सच ना कह पाने की जुबां
झूठ ना बोलने का अंदाज़,
मीठा लगता है
जब प्यार होता है,
कड़वा लगता है
जब क्रोध होता है,
कितना सरल है ये शब्द
उतना ही कठिन है इसका सफर,
चलो इस(मौन) रास्ते पर
तो कांटे मिलते हैं,
सोचो गर तो
मन भी मूक हो जाता है,,
इसको धारण करो तो
संयम आता है,
बलवान हो जाता है धीरज,
आत्मा को मिलता है-
एक शांत रैन बसेरा,
आंखों से निर्मल जल बहता है,
भावनाओं का समंदर बनता है,
जानना हो गर जीवन-सत्य
तो 'मौन' में ही छुपा संसार है।
(स्वरचित कविता)
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