Monday, 30 September 2013

"तुम मेर्रे हो"

मेरे सपनो की भाषा
मेरे मन की परिभाषा
ए जान, तुमहारे लिए है
तुम मेरे हो......
मेरी रुह को जो रुमानी कर दे
वो अदा है तुम में
मेरे साये को भी पिघला दे
वो कशिश है तुम में
मेरी धड़कन की पुकार
ए जान, तुमहारे लिए है
तुम मेरे हो.......
मेरी नसनस को झनझना दे
वो छुअन है तेरी
मेरे बदन को जो महका दे
वो साँसें है तेरी
मेरे तन की आग
ए जान, तुमहारे लिए है
तुम मेरे हो........।।

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