मेरी चेतना में तुम छाए रहते हो
मेरा आधार बन मुझे भक्ति देते हो
दूर करो मेरे ज्ञान के अवरोध तुम
दो मुझे एक नया दिशाबोध तुम
मिटाओ मेरा धूमिल भ्रम तुम
दे दो शीत सी धूप तुम
निज आनंद से दमकती मै
हो जाऊ बस विलीन तुम में
ऐसा एक वरदान दो तुम
तुम्हारे सजल नेत्रों में बसा
ये सारा संसार है
शक्ति दो भगवन मुझको
मुझमे बसे
कुछ क्षण ही अब प्राण हैं !!
मेरा आधार बन मुझे भक्ति देते हो
दूर करो मेरे ज्ञान के अवरोध तुम
दो मुझे एक नया दिशाबोध तुम
मिटाओ मेरा धूमिल भ्रम तुम
दे दो शीत सी धूप तुम
निज आनंद से दमकती मै
हो जाऊ बस विलीन तुम में
ऐसा एक वरदान दो तुम
तुम्हारे सजल नेत्रों में बसा
ये सारा संसार है
शक्ति दो भगवन मुझको
मुझमे बसे
कुछ क्षण ही अब प्राण हैं !!
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