मेरी हर बात को
तुम समझ लेना,
मेरी इकरार की भाषा
तुम जान लेना,
मन में उमड़ती लहरों को
तुम समेट लेना,
मेरे अधरों की प्यास
तुम बुझा देना,
मेरे गीतों का राज़ जान
तुम गुनगुनाते रहना,
मेरे नैनों की भाषा
तुम पढ़ते रहना,
बस एक गुजारिश है तुमसे
जब भी मै रुठुं तुमसे
बस तुम मना लेना,
मेरी हर बात को
तुम समझ लेना !!
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